बेंगलुरु भगदड़: आरसीबी के शीर्ष अधिकारी समेत 4 लोग गिरफ्तार

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बेंगलुरु भगदड़: आरसीबी के शीर्ष अधिकारी समेत 4 लोग गिरफ्तार
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बेंगलुरु में हुई भगदड़ की घटना को लेकर एफ़आईआर दर्ज किए जाने के एक दिन बाद आरसीबी अधिकारियों सहित इवेंट मैनेजमेंट के लोगों पर कार्रवाई की गई है। जानिए, पुलिस ने क्या कार्रवाई की।

बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुए भयानक भगदड़ के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बेंगलुरु पुलिस ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु यानी आरसीबी के एक शीर्ष अधिकारी और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी के तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। यह हादसा आरसीबी की आईपीएल जीत के जश्न के दौरान हुआ था। भगदड़ में 11 लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, इस आयोजन में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। आरसीबी और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी डीएनए एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड पर लापरवाही का आरोप है।

पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें आरसीबी के मार्केटिंग और रेवेन्यू हेड निखिल सोसले और डीएनए एंटरटेनमेंट के वाइस प्रेसिडेंट सुनील मैथ्यू शामिल हैं। इसके अलावा, डीएनए एंटरटेनमेंट के इवेंट मैनेजर किरण कुमार और एक अन्य कर्मचारी को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, निखिल सोसले को बेंगलुरु हवाई अड्डे पर उस समय पकड़ा गया जब वह मुंबई जाने की कोशिश कर रहे थे।

पुलिस का कहना है कि इस आयोजन में भीड़ प्रबंधन के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए गए। आरसीबी और डीएनए एंटरटेनमेंट ने पुलिस की सलाह को नजरअंदाज किया, जिसमें आयोजन को टालने की बात कही गई थी। इसके अलावा, स्टेडियम के बाहर सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मी तैनात नहीं किए गए थे। इस लापरवाही की वजह से यह हादसा हुआ।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस मामले को गंभीरता से लिया और बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त को निलंबित कर दिया। साथ ही, कब्बन पार्क के सहायक पुलिस आयुक्त और डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस सेंट्रल को भी निलंबित कर दिया गया। इस मामले की जांच के लिए सीआईडी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सिद्धारमैया ने कहा, ‘सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जॉन माइकल डी’कुन्हा के कुशल मार्गदर्शन में हम एक एकल सदस्य आयोग नियुक्त करने की योजना बना रहे हैं। हमने कैबिनेट में लापरवाही के कारण इसमें शामिल संगठनों के प्रतिनिधियों को गिरफ्तार करने का फ़ैसला लिया है।’ 

सिद्धारमैया ने कहा गुरुवार शाम को कहा था कि पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है और अब अगला कदम आरसीबी के खिलाफ होगा। उन्होंने कर्नाटक के डीजीपी और आईजीपी को निर्देश दिए थे कि त्रासदी के मद्देनजर आरसीबी प्रतिनिधि, डीएनए इवेंट मैनेजर्स और राज्य क्रिकेट संघ केएससीए के सदस्यों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। क्रिकेट संगठन ने स्पष्ट रूप से पुलिस की सलाह को नजरअंदाज कर दिया था, जिसमें सम्मान समारोह की तैयारी के लिए कुछ और दिन देने की बात कही गई थी। 

आरसीबी ने 4 जून को एक्स पर सम्मान समारोह के बारे में पोस्ट किया था। पोस्ट में कहा गया था कि शाम 5 बजे से विधान सौधा से चिन्नास्वामी स्टेडियम तक एक ‘विजय परेड’ शुरू होगी, जिसके बाद स्टेडियम के अंदर सम्मान समारोह होगा। आरसीबी की पोस्ट में मुफ्त पास के लिए एक लिंक भी शामिल था, जिसमें सीमित प्रवेश की घोषणा की गई थी और प्रशंसकों से पुलिस दिशानिर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया गया था।

आरसीबी और राज्य क्रिकेट संघ पर FIR

पुलिस ने आरसीबी, डीएनए एंटरटेनमेंट और कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन यानी केएससीए के खिलाफ FIR दर्ज की है। इन पर लापरवाही और सुरक्षा नियमों का पालन न करने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि आयोजकों ने स्टेडियम की क्षमता से ज्यादा लोगों को इकट्ठा होने दिया, जिससे यह हादसा हुआ।

कर्नाटक मंत्री की जल्दबाजी में उत्सव की भूमिका?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार जीत का जश्न मनाने के लिए जल्दबाज़ी में कार्यक्रम कराने में कर्नाटक के एक मंत्री की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालाँकि, रिपोर्टों में मंत्री का नाम नहीं लिया गया है। भगदड़ का कारण बनने वाले जल्दबाजी में उत्सव के लिए जिम्मेदार होने के आरोपों पर, मुख्यमंत्री ने कहा, ‘जांच रिपोर्ट पेश होने दें। दोषी पाए जाने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई शुरू की जाएगी।’ 

पुलिस ने कहा है कि इस मामले की गहन जांच की जाएगी। सीआईडी इस हादसे के कारणों और जिम्मेदार लोगों का पता लगाएगी। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नियम बनाए जा सकते हैं। कर्नाटक सरकार ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की भी घोषणा की है।

यह हादसा खेल के जश्न को मातम में बदल देने वाला था। आरसीबी के एक शीर्ष अधिकारी और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी के कर्मचारियों की गिरफ्तारी से यह साफ है कि पुलिस इस मामले में सख्त कार्रवाई कर रही है। लेकिन सवाल यह है कि क्या ऐसी लापरवाही को रोका जा सकता था? इस हादसे ने आयोजनों में सुरक्षा के महत्व को एक बार फिर सामने ला दिया है।

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